जॄ धातुरूपाणि - जॄ॑ वयोहानौ - चुरादिः - कर्तरि प्रयोगः लोट् लकारः आत्मने पदम्


 
 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयताम् / जरताम्
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयेताम् / जरेताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयन्ताम् / जरन्ताम्
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयस्व / जरस्व
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयेथाम् / जरेथाम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयध्वम् / जरध्वम्
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयै / जरै
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयावहै / जरावहै
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयामहै / जरामहै