जॄ धातुरूपाणि - जॄ॑ वयोहानौ - चुरादिः - कर्तरि प्रयोगः


 

लट् लकारः परस्मै पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लोट् लकारः परस्मै पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लङ् लकारः परस्मै पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

विधिलिङ् लकारः परस्मै पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लट् लकारः आत्मने पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लोट् लकारः आत्मने पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लङ् लकारः आत्मने पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

विधिलिङ् लकारः आत्मने पदम्

 
एकवचनम्
द्विवचनम्
बहुवचनम्
प्रथम पुरुषः
मध्यम पुरुषः
उत्तम पुरुषः
 

लट् लकारः परस्मै पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयति / जरति
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयतः / जरतः
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयन्ति / जरन्ति
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयसि / जरसि
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयथः / जरथः
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयथ / जरथ
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयामि / जरामि
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयावः / जरावः
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयामः / जरामः
 

लोट् लकारः परस्मै पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयतात् / जारयताद् / जारयतु / जरतात् / जरताद् / जरतु
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयताम् / जरताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयन्तु / जरन्तु
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयतात् / जारयताद् / जारय / जरतात् / जरताद् / जर
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयतम् / जरतम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयत / जरत
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयाणि / जराणि
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयाव / जराव
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयाम / जराम
 

लङ् लकारः परस्मै पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
अजारयत् / अजारयद् / अजरत् / अजरद्
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
अजारयताम् / अजरताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
अजारयन् / अजरन्
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
अजारयः / अजरः
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
अजारयतम् / अजरतम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
अजारयत / अजरत
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
अजारयम् / अजरम्
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
अजारयाव / अजराव
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
अजारयाम / अजराम
 

विधिलिङ् लकारः परस्मै पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयेत् / जारयेद् / जरेत् / जरेद्
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयेताम् / जरेताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयेयुः / जरेयुः
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयेः / जरेः
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयेतम् / जरेतम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयेत / जरेत
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयेयम् / जरेयम्
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयेव / जरेव
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयेम / जरेम
 

लट् लकारः आत्मने पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयते / जरते
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयेते / जरेते
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयन्ते / जरन्ते
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयसे / जरसे
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयेथे / जरेथे
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयध्वे / जरध्वे
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारये / जरे
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयावहे / जरावहे
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयामहे / जरामहे
 

लोट् लकारः आत्मने पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयताम् / जरताम्
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयेताम् / जरेताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयन्ताम् / जरन्ताम्
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयस्व / जरस्व
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयेथाम् / जरेथाम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयध्वम् / जरध्वम्
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयै / जरै
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयावहै / जरावहै
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयामहै / जरामहै
 

लङ् लकारः आत्मने पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
अजारयत / अजरत
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
अजारयेताम् / अजरेताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
अजारयन्त / अजरन्त
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
अजारयथाः / अजरथाः
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
अजारयेथाम् / अजरेथाम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
अजारयध्वम् / अजरध्वम्
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
अजारये / अजरे
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
अजारयावहि / अजरावहि
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
अजारयामहि / अजरामहि
 

विधिलिङ् लकारः आत्मने पदम्

प्रथम पुरुषः  एकवचनम् प्रथम  एक
जारयेत / जरेत
प्रथम पुरुषः  द्विवचनम् प्रथम  द्वि
जारयेयाताम् / जरेयाताम्
प्रथम पुरुषः  बहुवचनम् प्रथम  बहु
जारयेरन् / जरेरन्
मध्यम पुरुषः  एकवचनम् मध्यम  एक
जारयेथाः / जरेथाः
मध्यम पुरुषः  द्विवचनम् मध्यम  द्वि
जारयेयाथाम् / जरेयाथाम्
मध्यम पुरुषः  बहुवचनम् मध्यम  बहु
जारयेध्वम् / जरेध्वम्
उत्तम पुरुषः  एकवचनम् उत्तम  एक
जारयेय / जरेय
उत्तम पुरुषः  द्विवचनम् उत्तम  द्वि
जारयेवहि / जरेवहि
उत्तम पुरुषः  बहुवचनम् उत्तम  बहु
जारयेमहि / जरेमहि
 


अन्याः