सम्बोधन एकवचनम्


 
राम (राम)  सर्व (सर्व-पुं)  विश्वपाः (विश्वपा)  हाहाः (हाहा)  हरे (हरि)  सखे (सखि)  पते (पति)  प्रधीः (प्रधी-पुं-प्रध्यायति)  शम्भो (शम्भु)  हूहूः (हूहू)  अतिचमु (अतिचमू)  खलपूः (खलपू-पुं)  लूः (लू)  उल्लूः (उल्लू)  कटप्रूः (कटप्रू)  स्वभूः (स्वभू)  धातः (धातृ)  गौः (गो)  सुद्यौः (सुद्यो)  स्मृतौः (स्मृतो)  राः (रै-पुं)  ग्लौः (ग्लौ)  रमे (रमा)  सर्वे (सर्वा)  जरे (जरा)  नासिके (नासिका)  निशे (निशा)  मते (मति)  गौरि (गौरी)  लक्ष्मि (लक्ष्मी)  धेनो (धेनु)  वधु (वधू)  सुभ्रूः (सुभ्रू)  खलपूः (खलपू-स्त्री)  स्वसः (स्वसृ)  राः (रै-स्त्री)  द्यौः (द्यो)  नौः (नौ)  ज्ञान (ज्ञान)  सर्व (सर्व-नपुं)  कतरत् / कतरद् (कतर)  श्रीप (श्रीपा)  वारे / वारि (वारि)  मधो / मधु (मधु)  धातः / धातृ (धातृ-नपुं)  प्ररे / प्ररि (प्ररै)  प्रद्यो / प्रद्यु (प्रद्यो)  सुनो / सुनु (सुनौ)  लिट् / लिड् (लिह्)  तुराषाट् / तुराषाड् (तुरासाह्)  कमल् (कमल्)  राजन् (राजन्)  यज्वन् (यज्वन्)  गुणिन् (गुणिन्)  पन्थाः (पथिन्)  भुत् / भुद् (बुध्)  युक् / युग् (युज्-क्विप्-प्रत्ययान्तः)  अग्निमत् / अग्निमद् (अग्निमथ्)  प्राङ् (प्राच्)  क्रुङ् (क्रुञ्च्)  पयोमुक् / पयोमुग् (पयोमुच्)  धीमन् (धीमत्)  भवन् (भवत्)  पठन् (पठत्)  ददत् / ददद् (ददत्)  गुप् / गुब् (गुप्)  तादृक् / तादृग् (तादृश्)  विट् / विड् (विश्)  घृतस्पृक् / घृतस्पृग् (घृतस्पृश्)  दधृक् / दधृग् (दधृष्)  रत्नमुट् / रत्नमुड् (रत्नमुष्)  प्रियषट् / प्रियषड् (प्रियषष्)  सुपीः (सुपिस्)  विद्वन् (विद्वस्)  सेदिवन् (सेदिवस्)  ध्वत् / ध्वद् (ध्वस्)  पुमन् (पुंस्)  वेधः (वेधस्)  उपानत् / उपानद् (उपानह्)  उष्णिक् / उष्णिग् (उष्णिह्)  द्यौः (दिव्)  गीः (गिर्)  स्रक् / स्रग् (स्रज्)  वाक् / वाग् (वाच्)  दिक् / दिग् (दिश्)  दृक् / दृग् (दृश्)  त्विट् / त्विड् (त्विष्)  असौ (अदस्-स्त्री)  वाः (वार्)  ब्रह्म / ब्रह्मन् (ब्रह्मन्-नपुं)  स्वप् / स्वब् (स्वप्)  धनुः (धनुष्)  पयः (पयस्)