द्वितीया एकवचनम्


 
रामम् (राम)  सर्वम् (सर्व-पुं)  विश्वपाम् (विश्वपा)  हाहाम् (हाहा)  हरिम् (हरि)  सखायम् (सखि)  पतिम् (पति)  प्रध्यम् (प्रधी-पुं-प्रध्यायति)  शम्भुम् (शम्भु)  हूहूम् (हूहू)  अतिचमूम् (अतिचमू)  खलप्वम् (खलपू-पुं)  लुवम् (लू)  उल्ल्वम् (उल्लू)  कटप्रुवम् (कटप्रू)  स्वभुवम् (स्वभू)  धातारम् (धातृ-पुं)  गाम् (गो)  सुद्याम् (सुद्यो)  स्मृताम् (स्मृतो)  रायम् (रै-पुं)  ग्लावम् (ग्लौ)  रमाम् (रमा)  सर्वाम् (सर्वा)  द्वितीयाम् (द्वितीया)  जरसम् / जराम् (जरा)  नासिकाम् (नासिका)  निशाम् (निशा)  मतिम् (मति)  गौरीम् (गौरी)  लक्ष्मीम् (लक्ष्मी)  धेनुम् (धेनु)  वधूम् (वधू)  सुभ्रुवम् (सुभ्रू)  खलप्वम् (खलपू-स्त्री)  स्वसारम् (स्वसृ)  रायम् (रै-स्त्री)  द्याम् (द्यो)  नावम् (नौ)  ज्ञानम् (ज्ञान)  सर्वम् (सर्व-नपुं)  कतरत् / कतरद् (कतर)  श्रीपम् (श्रीपा)  वारि (वारि)  मधु (मधु)  धातृ (धातृ-नपुं)  प्ररि (प्ररै)  प्रद्यु (प्रद्यो)  सुनु (सुनौ)  लिहम् (लिह्)  तुरासाहम् (तुरासाह्)  कमलम् (कमल्)  कम् (किम्-पुं)  राजानम् (राजन्)  यज्वानम् (यज्वन्)  गुणिनम् (गुणिन्)  पन्थानम् (पथिन्)  बुधम् (बुध्)  युजम् (युज्-क्विप्-प्रत्ययान्तः)  त्यम् (त्यद्-पुं)  त्वाम् / त्वा (युष्मद्)  माम् / मा (अस्मद्)  अग्निमथम् (अग्निमथ्)  प्राञ्चम् (प्राच्)  क्रुञ्चम् (क्रुञ्च्)  पयोमुचम् (पयोमुच्)  धीमन्तम् (धीमत्)  भवन्तम् (भवत्)  पठन्तम् (पठत्)  ददतम् (ददत्-पुं)  गुपम् (गुप्)  तादृशम् (तादृश्)  विशम् (विश्)  घृतस्पृशम् (घृतस्पृश्)  दधृषम् (दधृष्)  रत्नमुषम् (रत्नमुष्)  प्रियषषम् (प्रियषष्)  सुपिसम् (सुपिस्)  विद्वांसम् (विद्वस्)  सेदिवांसम् (सेदिवस्)  ध्वसम् (ध्वस्)  पुमांसम् (पुंस्)  वेधसम् (वेधस्)  अमुम् (अदस्-पुं)  उपानहम् (उपानह्)  उष्णिहम् (उष्णिह्)  दिवम् (दिव्)  गिरम् (गिर्)  काम् (किम्-स्त्री)  स्रजम् (स्रज्)  त्याम् (त्यद्-स्त्री)  वाचम् (वाच्)  दिशम् (दिश्)  दृशम् (दृश्)  त्विषम् (त्विष्)  अमूम् (अदस्-स्त्री)  वाः (वार्)  किम् (किम्-नपुं)  ब्रह्म (ब्रह्मन्-नपुं)  त्यत् / त्यद् (त्यद्-नपुं)  स्वप् / स्वब् (स्वप्)  धनुः (धनुष्)  पयः (पयस्)  अदः (अदस्-नपुं)  एकम् (एक-पुं)  एकाम् (एक-स्त्री)  एकम् (एक-नपुं)  त्रिंशतम् (त्रिंशत्)