तृतीया एकवचनम्


 
रामेण (राम)  सर्वेण (सर्व-पुं)  विश्वपा (विश्वपा)  हाहा (हाहा)  हरिणा (हरि)  सख्या (सखि)  पत्या (पति)  प्रध्या (प्रधी-पुं-प्रध्यायति)  शम्भुना (शम्भु)  हूह्वा (हूहू)  अतिचम्वा (अतिचमू)  खलप्वा (खलपू-पुं)  लुवा (लू)  उल्ल्वा (उल्लू)  कटप्रुवा (कटप्रू)  स्वभुवा (स्वभू)  धात्रा (धातृ-पुं)  गवा (गो)  सुद्यवा (सुद्यो)  स्मृतवा (स्मृतो)  राया (रै-पुं)  ग्लावा (ग्लौ)  रमया (रमा)  सर्वया (सर्वा)  द्वितीयया (द्वितीया)  जरसा / जरया (जरा)  नसा / नासिकया (नासिका)  निशा / निशया (निशा)  मत्या (मति)  गौर्या (गौरी)  लक्ष्म्या (लक्ष्मी)  धेन्वा (धेनु)  वध्वा (वधू)  सुभ्रुवा (सुभ्रू)  खलप्वा (खलपू-स्त्री)  स्वस्रा (स्वसृ)  राया (रै-स्त्री)  द्यवा (द्यो)  नावा (नौ)  ज्ञानेन (ज्ञान)  सर्वेण (सर्व-नपुं)  कतरेण (कतर)  श्रीपेण (श्रीपा)  वारिणा (वारि)  मधुना (मधु)  धात्रा / धातृणा (धातृ-नपुं)  प्ररिणा (प्ररै)  प्रद्युना (प्रद्यो)  सुनुना (सुनौ)  लिहा (लिह्)  तुरासाहा (तुरासाह्)  कमला (कमल्)  केन (किम्-पुं)  राज्ञा (राजन्)  यज्वना (यज्वन्)  गुणिना (गुणिन्)  पथा (पथिन्)  बुधा (बुध्)  युजा (युज्-क्विप्-प्रत्ययान्तः)  त्येन (त्यद्-पुं)  त्वया (युष्मद्)  मया (अस्मद्)  अग्निमथा (अग्निमथ्)  प्राचा (प्राच्)  क्रुञ्चा (क्रुञ्च्)  पयोमुचा (पयोमुच्)  धीमता (धीमत्)  भवता (भवत्)  पठता (पठत्)  ददता (ददत्-पुं)  गुपा (गुप्)  तादृशा (तादृश्)  विशा (विश्)  घृतस्पृशा (घृतस्पृश्)  दधृषा (दधृष्)  रत्नमुषा (रत्नमुष्)  प्रियषषा (प्रियषष्)  सुपिसा (सुपिस्)  विदुषा (विद्वस्)  सेदुषा (सेदिवस्)  ध्वसा (ध्वस्)  पुंसा (पुंस्)  वेधसा (वेधस्)  अमुना (अदस्-पुं)  उपानहा (उपानह्)  उष्णिहा (उष्णिह्)  दिवा (दिव्)  गिरा (गिर्)  कया (किम्-स्त्री)  स्रजा (स्रज्)  त्यया (त्यद्-स्त्री)  वाचा (वाच्)  दिशा (दिश्)  दृशा (दृश्)  त्विषा (त्विष्)  अमुया (अदस्-स्त्री)  वारा (वार्)  केन (किम्-नपुं)  ब्रह्मणा (ब्रह्मन्-नपुं)  त्येन (त्यद्-नपुं)  स्वपा (स्वप्)  धनुषा (धनुष्)  पयसा (पयस्)  अमुना (अदस्-नपुं)  एकेन (एक-पुं)  एकया (एक-स्त्री)  एकेन (एक-नपुं)  त्रिंशता (त्रिंशत्)